रेलकर्मियों को शारीरिक/मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए -के. डी. रल्ह

    अति-व्यस्त इलाहाबाद मंडल में गाड़ियों का कुशल संचालन चुनौतीपूर्ण कार्य है -पंकज

    ‘तनाव मुक्त जीवन कैसे जिएं’ विषय पर इलाहाबाद मंडल द्वारा संगोष्ठी का आयोजन

    इलाहाबाद ब्यूरो : मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, इलाहाबाद के सभाकक्ष में गुरुवार, 16 मार्च को मंडल रेल प्रबंधक संजय कुमार पंकज की अध्यक्षता में हिंदी विभाग द्वारा ‘तनाव मुक्त जीवन कैसे जिएं’ विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मंडल रेल प्रबंधक श्री पंकज ने कहा कि आधुनिक जीवन शैली काफी तनावपूर्ण होती जा रही है. इलाहाबाद मंडल एक अति-व्यस्त और बड़ा मंडल है, जहां गाड़ियों का कुशल संचालन एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, इसलिए यहां के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तनावमुक्त होकर कार्य करना अत्यावश्यक है.

    उक्त संगोष्ठी में अतिथि व्याखाता उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य इंजीनियर/निर्माण के. डी. रल्ह ने रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्य-स्थल पर अक्सर होने वाले तनाव को नियंत्रित करने के संबंध में अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया. उन्होंने रेलकर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के उद्देश्य से एक सुंदर स्लाइड शो भी प्रस्तुत किया, जिसके माध्यम से उन्होंने बताया कि कार्यालय, घर और अन्य स्थानों पर किस तरह तनावपूर्ण स्थिति आ सकती है और किस तरह उसे नियंत्रित किया जाना चाहिए.

    संगोष्ठी में मंडल रेल प्रबंधक श्री पंकज, अपर मंडल रेल प्रबंधक अनिल कुमार द्विवेदी तथा मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. अंत में अपर मंडल रेल प्रबंधक अनिल कुमार द्विवेदी ने सभी उपस्थितों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया. कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी केशव त्रिपाठी ने किया.


    गाड़ियों/रेलवे स्‍टेशनों पर चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध करा रही उत्‍तर मध्‍य रेलवे

    इलाहाबाद : उत्‍तर मध्‍य रेलवे के महाप्रबंधक एम. सी. चौहान के नेतृत्‍व एवं मार्गदर्शन में रेल यात्रियों को सुविधापूर्ण, सुरक्षित एवं आरामदायक रेल यात्रा सुलभ कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम जहां उत्‍तर मध्‍य रेलवे इलाहाबाद, आगरा एवं झांसी मंडलों के चिकित्‍सा अस्‍पतालों/यूनिटों के माध्‍यम से रेल अधिका‍रियों एवं कर्मचारियों को उच्‍च श्रेणी की चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है, वहीं ट्रेनों में सफर कर रहे रेल यात्रियों का भी यात्रा के दौरान बीमार होने की स्थिति में भी पूरा ध्‍यान रखा जा रहा है. रेल यात्रा के दौरान अथवा रेलवे स्‍टेशन पर यात्रियों के बीमार होने की स्थिति में उनको संबंधित स्‍टेशनों के स्‍टेशन प्रबंधकों, सहायक स्‍टेशन मास्‍टरों के माध्‍यम से रेलवे का चिकित्‍सा विभाग तुरंत चिकित्‍सा सहायता प्रदान करता है.

    रेलवे स्‍टेशनों से रेलवे अस्‍पतालों की ओपीडी से डॉक्टर एवं पैरा-मेडिकल स्‍टाफ को तुरंत बुलाकर ट्रेन में यात्रा कर रहे अथवा स्‍टेशनों पर पिछले तीन महीनों में बड़ी संख्‍या में रेल यात्रियों को  चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है. इसी क्रम में इलाहाबाद की ओपीडी में 535, कानपुर की ओपीडी में 1100, झांसी अस्‍पताल की ओपीडी में 304 एवं आगरा मंडल की ओपीडी में 272 बीमार यात्रियों को अटेंड किया गया, जिसमें कई मामलों में गंभीर मरीजों का इलाज कर उनके जीवन को बचाया जा सका. इसके अतिरिक्‍त माघ मेला/कुम्‍भ मेला एवं अन्‍य मंडलों में लगने वाले मेलों में भी रेलवे चिकित्‍सा शिविर लगाकर आम जनता को चिकित्‍सीय सुविधाएं प्रदान की जाती हैं.

सम्पादकीय