यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में आशातीत सुधार हुआ -राजीव मिश्र, जीएम/पूर्वोत्तर रेलवे

    तीन वित्त वर्षों में पूर्वोत्तर रेलवे पर 16.5 हजार करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत हुईं

    दो वर्षों में 390 किमी. आमान परिवर्तन कर पूर्वोत्तर रेलवे ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया

    गोरखपुर ब्यूरो : पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने महाप्रबन्धक सभाकक्ष, गोरखपुर में हाल ही में आयोजित की गई ‘कार्य समीक्षा’ बैठक में कहा कि विगत दो वर्ष विभिन्न कार्य-कलापों की दृष्टि से पूर्वोत्तर रेलवे के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं. उन्होंने कहा कि वित्तवर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में यात्री सुविधाओं में विस्तार के लिए खर्च किए गए क्रमशः 20 करोड़ एवं 21 करोड़ रु. के सापेक्ष वर्ष 2015-16 में इस मद् में 71 करोड़ रु. तथा वर्ष 2016-17 में इससे भी अधिक राशि व्यय कर यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में आशातीत सुधार किया गया, जिससे यात्री/जनता को आरामदायक रेल सेवा प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को बल मिला तथा उनका रेल प्रणाली में विश्वास पुष्ट हुआ है.

    श्री मिश्र ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लगभग 390 किमी. रेल पथ का आमान परिवर्तन कर पूर्वोत्तर रेलवे ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है तथा वित्तवर्ष 2017-18 में 300 किमी. रेल पथ के आमान परिवर्तन की योजना है. महाप्रबंधक ने कहा कि तीन वर्षों (वित्त वर्ष 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18) में पूर्वोत्तर रेलवे पर 16.5 हजार करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जो विगत वर्षों की इसी अवधि की तुलना में 6.7 गुना अधिक हैं. इसी प्रकार विद्युतीकरण एवं दोहरीकरण के क्षेत्र में भी पूर्वोत्तर रेलवे ने पिछले दो वर्षों में उत्कृष्ट कार्य कर रेल परिवहन को नया आयाम प्रदान किया है.

    विभिन्न मंडलों में चल रहे कार्यों की प्रगति एवं कार्य-निष्पादन स्थिति की समीक्षा करते हुए महाप्रबंधक श्री मिश्र ने कहा कि वर्ष 2016-17 हेतु लक्षित समस्त कार्य 31 मार्च, 2017 तक अवश्य पूरे कर लिए जाएं तथा कार्य-निष्पादन के दौरान उच्चकोटि की गुणवत्ता सुनिष्चित करने पर विशेष बल दिया जाए. उन्होंने प्री-मिक्स्ड सतह एवं रोड के स्थान पर सीसी रोड एवं सतह बनाए जाने का सुझाव दिया, क्योंकि ये तुलनात्मक रूप से अधिक टिकाऊ होते हैं.

    यात्री सुविधाओं के अंतर्गत एस्केलेटर, लिफ्ट सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए उन्होंने सीमित ऊंचाई के सब-वे (एलएचएस) के निर्माण को शीघ्रतापूर्वक पूरा करने पर जोर दिया. आदर्श स्टेशनों पर मानक के अनुरूप यथोचित यात्री सुविधाओं की उपलब्धता सुनिष्चित कराने के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी स्टेशनों पर मानक के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए. उन्होंने स्टेशनों पर पाइप्ड वाटर सप्लाई का प्रबंध किए जाने का निर्देश दिया.

    इससे पहले पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर पी. डी. शर्मा ने कार्य समीक्षा बैठक में अपने स्वागत संबोधन में कहा कि पिछली बैठक के बाद अनेक कार्य सम्पादित हुए हैं, जिनमें सीमित ऊंचाई के सब-वे एवं स्टेशनों पर पैदल उपरिगामी पुल आदि प्रमुख हैं. उन्होंने कहा कि विभिन्न मदों में आवंटित निधि को पूरी तरह इस्तेमाल कर रेल परिवहन एवं यात्री सुविधाओं में सुधार का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. बैठक में इज्जतनगर, वाराणसी एवं लखनऊ मंडलों के मंडल रेल प्रबंधकों ने अपने-अपने मंडलों में चल रहे कार्यों की प्रगति की अद्यतन जानकारी पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी. बैठक में चर्चाओं का समन्वय मुख्य प्लानिंग एवं डिजाइन इंजीनियर एस. के. मिश्र ने किया.

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