लगातार एस्कार्टिंग ड्यूटी और अधिकारियों की अनसुनी से त्रस्त आरपीएफ स्टाफ

    ऑल इंडिया आरपीएफ एसोसिएशन, मुंबई मंडल, मध्य रेलवे की एजीएम संपन्न

    मुंबई : ऑल इंडिया आरपीएफ एसोसिएशन, मुंबई मंडल, मध्य रेलवे की दो दिवसीय वार्षिक सर्वसाधारण सभा (एजीएम) 8-9 फरवरी को आरपीएफ बैरेक, मुलुंड, मुंबई में संपन्न हुई. इस अवसर पर सोलापुर मंडल के मंडल सचिव और ऑल इंडिया आरपीएफ एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव राजेश मिश्रा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे. इसके अलावा सेवानिवृत्त पूर्व पदाधिकारी सी. एस. शुक्ला, नागपुर मंडल के मंडल सचिव गिरीश तिवारी, मुंबई मंडल के मंडल अध्यक्ष एच. एन. सिंह और मंडल सचिव पी. के. सिंह, मुनीश सिंह, सहित मुंबई मंडल के सभी पदाधिकारी और सभी प्रतिनिधि भी मौजूद थे.

    राष्ट्रीय संयुक्त सचिव राजेश मिश्रा ने अपने संबोधन में ऑल इंडिया की चित्रकूट और दिल्ली की बैठकों में हुई महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में उपस्थित प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि दिसंबर में डीजी महोदय हैदराबाद में लिए गए सुरक्षा सम्मलेन में कहा था कि 14 जनवरी तक आरपीएफ स्टाफ की रिस्ट्रक्चरिंग कर दी जाएगी. इसके बाद डीजी महोदय ने यही बात गत दिनों अहमदाबाद के सुरक्षा सम्मलेन में कही कि अगले कुछ दिनों में स्टाफ की रिस्ट्रक्चरिंग पूरी हो जाएगी. इसके पहले अजमेर में कहा था कि दिवाली गिफ्ट के रूप में दिवाली से पहले आरपीएफ स्टाफ को रिस्ट्रक्चरिंग का लाभ मिल जाएगा. उनका कहना था कि इस प्रकार डीजी महोदय स्टाफ को लोलीपॉप देकर वास्तव में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं, क्योंकि आरपीएफ स्टाफ के पुरोधा यू. एस. झा ने डीजी महोदय की गैर-कानूनी और असंवैधानिक नियुक्ति के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मामला दायर कर रखा है. उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों और समस्त आरपीएफ स्टाफ का आहवान करते हुए कहा कि ऐसे समय में हमें एकता और एकजुटता बनाए रखनी है. उन्होंने कहा कि तमाम परेशानियों के बावजूद हमें रेलकर्मी और आरपीएफ कर्मी होने का गर्व है.

    सेवानिवृत्त पूर्व पदाधिकारी सी. एस. शुक्ला ने भी एकता और एकजुटता बनाए रखने सहित रेलकर्मी एवं आरपीएफ कर्मी होने पर गर्व की श्री मिश्रा की लाइन को दोहराते हुए कहा कि अधिकारियों का कोई भरोसा नहीं है कि वह कब किस बात पर स्टाफ को दंडित कर दें. इसलिए पदाधिकारी होने पर सबसे पहले दंड मिलने की हर संभव संभावना के बावजूद निडर होकर सभी पदाधिकारियों को समस्याओं का सामना करने के लिए हमें हमेशा तैयार रहना होगा. नागपुर मंडल के मंडल सचिव गिरीश तिवारी ने कहा कि उनके मंडल में कोई समस्या नहीं है. प्रशासन और स्टाफ के साथ बेहतर सामंजस्य बनाकर स्टाफ के सभी काम किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि हम मंडल स्तर की अपनी समस्याएं सुलझा लें, तो न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर हमारा नेतृत्व और भी मजबूत होगा, बल्कि इससे हम हमारे पुरोधा श्री झा बाबा के हाथ और ज्यादा मजबूत करेंगे.

    प्रतिनिधियों में से लगभग सभी वक्ताओं ने ट्रेन एस्कार्टिंग ड्यूटी की तमाम परेशानियों से उपस्थित पदाधिकारियों को अवगत कराया. उनका कहना था कि किसी भी स्टाफ को निर्धारित रिलीफ नहीं दी जा रही है, जबकि सालों से लगातार रात्रि कालीन ड्यूटी करने से लगभग सभी ट्रेन एस्कार्टिंग स्टाफ का स्वास्थ्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है. गंतव्य स्टेशनों पर उनके बेहतर आराम और खानपान की कोई सुविधा नहीं है. रेलवे बोर्ड द्वारा आदेश जारी किए जाने के बावजूद प्रशासन इस पर कोई उचित ध्यान नहीं दे रहा है. बैरकों की स्थिति दयनीय और बदतर बनी हुई है और वहां के कुक अधिकारियों के घरों पर काम कर रहे हैं. उनका कहना था कि प्रशासन द्वारा रेलवे बोर्ड के आदेशों/निर्देशों का अविलंब पालन किया जाए और गंतव्य स्टेशनों पर ट्रेन एस्कार्टिंग स्टाफ की सुविधाओं का इंतजाम किया जाए तथा बैरकों में स्टाफ के खानपान और आराम की स्वस्थ व्यवस्था की जानी चाहिए. कार्यक्रम का संचालन मंडल सचिव पी. के. सिंह ने किया और उन्होंने भी सभी समस्याओं पर विस्तार से उपस्थित प्रतिनिधियों को अवगत कराया.

सम्पादकीय