अनुवाद भाषाओं और संस्कृतियों के बीच सेतु का काम करता है

    जीएम/द.रे. ने किया डॉ. मुकेश गौतम की तमिल में अनूदित पुस्तकों का विमोचन

    चेन्नई : दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक आर. के. कुलश्रेष्ठ ने मध्य रेलवे में मुख्य टिकट निरीक्षक के पद पर कार्यरत डॉ. मुकेश गौतम की तमिल भाषा में अनुवाद की गई तीन पुस्तकों का विमोचन किया. इस अवसर पर श्री कुलश्रेष्ठ ने कहा कि अनुवाद कार्य विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के बीच एक सेतु का काम करता है. यह एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण कार्य है. यह कार्य भिन्न प्रांतो के लोगों को एक-दूसरे की भाषा और संस्कृति से परिचय कराता है. महाप्रबंधक ने कहा कि यदि अनुवाद का कार्य नहीं होगा, तो साहित्य से लोगों का परिचय सीमित हो जाएगा.

    अपने संबोधन में महाप्रबंधक श्री कुलश्रेष्ठ ने मुकेश गौतम को आज के दौर का महत्वपूर्ण कवि एवं लेखक बताते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण आज विश्व पर्यावरण को बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि डॉ. मुकेश गौतम ने वृक्ष संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण एवं आवश्यक विषय पर अपनी कविताएं लिखकर एक जिम्मेदार रचनाकार की भूमिका निभाई है.

    चेन्नई में दक्षिण रेलवे मुख्यालय के सभागार में आयोजित विमोचन समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए दक्षिण भारत के प्रमुख गीतकार ईश्वर करुण ने कहा कि डॉ. गौतम की पहचान एक हास्य कवि के रूप में विश्व स्तर पर है. डॉ गौतम सिर्फ हिंदी कवि ही नहीं, बल्कि एक मानवतावादी रचनाकार भी हैं. अपने संबोधन में दक्षिण रेलवे के मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य सुरक्षा आयुक्त वीरेंद्र कुमार ने मुकेश गौतम की कविता पुस्तकों के तमिल में अनुवाद को एक जरूरी एवं स्वागतयोग्य कार्य बताते हुए अनुवादक की प्रशंसा की.

    उपमहाप्रबंधक डॉ. दीनानाथ सिंह ने कहा कि मुकेश गौतम की इन कविता पुस्तकों के तमिल में प्रकाशित होने पर तमिल भाषी पाठक वृक्ष संरक्षण एवं अन्य विषयों पर लिखी उनकी रचनाओं से रू-ब-रू हो सकेंगे. मध्य रेल मुंबई में कार्यरत एवं प्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. मुकेश गौतम की तीन कविता पुस्तकों का तमिल में अनुवाद करने वाले कवि-लेखक डॉ. श्रीनिवासन ने कहा कि वृक्ष संरक्षण-संवर्धन विषय पर लिखी गई डॉ. गौतम की कविताओं का अनुवाद करते हुए उन्हें आनंद का अनुभव तो हुआ ही साथ ही उन्हें प्रकृति संरक्षण के कई पहलुओं को जानने का अवसर भी मिला.

    डॉ. मुकेश गौतम ने महाप्रबंधक आर. के कुलश्रेष्ठ और अनुवादक डॉ. श्रीनिवासन सहित सभागार में उपस्थित सभी गणमान्य लोगों के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी कवि-लेखक के लिए उसके साहित्य का अन्य भाषाओं में अनुवाद होना गौरव की बात होती है.

    इससे पूर्व डॉ. मुकेश गौतम का महाप्रबंधक श्री कुलश्रेष्ठ ने शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया. इस मौके पर मुकेश गौतम, ईश्वर करुण एवं श्रीमती मानसी ने अपनी रचनाओं का पाठ भी किया. श्रीमती माहेश्वरी रंगनाथन, राम्या तथा अन्य लोगों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभाई.

Important Links