प्राइवेट कंपनी को हो रहा है लाभ

    रेल मंत्रायल में किसी के फायदे के लिए किसी रेल अधिकारी ने एयरटेल से डील करवाया और रेल मंत्रलाय में बीएसएनएल की जगह एयरटेल के सिम का उपयोग किया गया. यदि बीएसएनएल या एमटीएनएल को सभी केंद्रीय विभागों में और सभी राज्यों में मोबाइल सर्विस प्रोवाइड करने दी जाती, और उनके लिए इसको अनिवार्य बनाया गया होता, तो आज यह दोनों सरकारी कंपनियां नहीं डूबतीं. इसकी जांच होनी होनी चाहिए. यह बहुत बड़ा घोटाला है.

सम्पादकीय