‘एक पृष्ठ मेरा भी' साझा पुस्तक का ऑन लाइन हुआ विमोचन

    सोशल मीडिया पर ‘साहित्य संगम’ ने हिंदी साहित्य की धूम मचाई

    साझा पुस्तक 'एक पृष्ठ मेरा भी' का विमोचन केंद्रीय आर्य युवक परिषद, दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनिल आर्य के हाथों गत सप्ताह दिल्ली में हुआ. विमोचन के अवसर पर सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश, स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, अलीगढ़, स्वामी चंद्रवेश, गाजियाबाद, प्रो. मेजर वीरपाल विद्यालंकार, पूर्व प्राचार्य गाजियाबाद, महेश अहमदाबाद, श्री बोहरा, उड़ीसा, प्रवीण आर्य, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश आर्य समाज, आचार्य भानु प्रताप वेदालंकार, अध्यक्ष आर्य युवक परिषद, म. प्र. आदि उपस्थित थे.

    इस अवसर पर साहित्य संगम व्हाट्सऐप समूह के पदाधिकारीगण, साहित्य संगम शिरोमणि सह प्रबंध संपादक, साझा पुस्तक डॉ. अरुण श्रीवास्तव, मुख्य सतर्कता निरीक्षक, पश्चिम मध्य रेलवे, सतर्कता विभाग, सचिव दिलीप कुमार पाठक, सरस प्रधानाचार्य, उ.प्र. बेसिक शिक्षा परिषद, परामर्शदाता नित्यानंद पांडेय, ‘मधुर’ अहमदाबाद, कवि सह ट्रांसपोर्टर, उपाध्यक्ष डॉ. राहुल शुक्ला, साहिल चिकित्सक इलाहाबाद, श्रीमती कांति प्रभा शुक्ला, इलाहाबाद शिक्षिका, ग़ज़लगुरु भूपधर द्विवेदी ‘अलबेला’ शिक्षक म.प्र. सरकार, व्यस्थापक कौशल कुमार पांडेय ‘आस’ उ.प्र., दैनिक कार्यक्रम अधीक्षक अनुज नमन जैन ‘अद्वितीय’ शामली उ.प्र.,  जगेश्वर प्रसाद निर्मल, धर्म शिक्षक डीएवी अजमेर राजस्थान, तेजराम नायक नेक शिक्षक म.प्र., श्रीमती इंदू शर्मा, गाजियाबाद, श्रीमती ममता सिंह राठौर, दिल्ली, वरुण कुमार सिंह नोएडा और साझा पुस्तक के सभी रचनाकार उपस्थित थे. इस पुस्तक में 35 रचनाकारों की काव्य रचनाएं संकलित हैं. रचनाकार देश के विभिन्न प्रांतों के नौकरीपेशा, व्यवसायी, छात्र, गृहिणियां इत्यादि हैं. यह नवोदित साहित्यकार देश की आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक हिंदी साहित्य के उन्नायक हैं. ‘मुक्त विषय’ पुस्तक का आकर्षक का केंद्र बिंदु है.

    इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बाद अब प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए व्हाट्सऐप समूह की इस साझा पुस्तक के प्रकाशन का यह प्रथम प्रयास है. इस पुस्तक के प्रबंध संपादक डॉ. अरुण श्रीवास्तव, मुख्य सतर्कता निरीक्षक, पश्चिम मध्य रेलवे, सतर्कता विभाग, संपादक श्रीयुत् संजीत सिंह और सह-संपादक अनुजा सौम्या मिश्रा 'अनुश्री' हैं. ‘एक पृष्ठ मेरा भी’ पुस्तक का प्रकाशन नवसृजन प्रकाशन इंदौर द्वारा किया गया है. इस पुस्तक में आशीष पांडेय ‘जिद्दी’, वनरक्षक, पन्ना, म.प्र. सरकार, अनीता मिश्रा, सिद्धि साहित्यकार, हजारीबाग, राजवीर सिंह, शिक्षक, डीएवी गुआ, झारखंड, कविराज तरुण सहायक प्रबंधक, यूको बैंक, नागपुर, कुमार सागर, पुलिस विभाग उ.प्र., रश्मि किरण, शिक्षिका, दिल्ली, छाया सक्सेना ‘प्रभु’, जबलपुर, सुचि संदीप, आसाम, प्रेरणा जानी, महाराष्ट्र, संगीता पुरी, दिल्ली, ऋतु गोयल सरगम, कैलाश मंडलोई, शिक्षक, म.प्र. सरकार, विजेंद्र सिंह सरल, शिक्षक, उ.प्र. सरकार, नवीन तिवारी, छत्तीसगढ़, मयंक वैद्य, इंजीनियर, पूणे, रति ओझा, दिल्ली, राजेंद्र शर्मा राही, इंजीनियर, म.प्र., बीना शर्मा झंकार, राजस्थान, शैलेंद्र खरे सोम, शिक्षक, उ.प्र. सरकार, वंदना श्रीवास्तव, शिक्षिका, उ.प्र. सरकार आदि की रचनाएं संकलित की गई हैं.

    ‘साहित्य संगम’ की शुरुआत 6 जुलाई, 2016 को भव्य उदघाटन समारोह के साथ हुई थी. उदघाटन समारोह की अध्यक्षता रणवीर सिंह 'अनुपम', सूचना एवं प्रसार मंत्रालय, दिल्ली ने की. इस समारोह में मुख्य अतिथि बालाघाट की भाजपा नेत्री श्रीमती सरिता सिंहई थीं. यह उदघाटन समारोह पूर्णतः ऑनलाइन आयोजित किया गया था. इसकी भव्यता का अंदाजा समारोह के दो घंटे के अंतराल में आए 33 हजार संदेशों से लगाया जा सकता है.

    ‘साहित्य संगम’ अब तक फेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब में अपनी पहचान बना चुका है. इस समूह द्वारा अब तक 10 ऑनलाइन ऑडियो-वीडियो काव्य सम्मेलन, परिचय सम्मेलन, उपनाम अलंकरण समारोह, संकल्प समारोह और अनगिनत सम्मान समारोह आयोजित किए जा चुके हैं. ‘साहित्य संगम’ की छंदशाला, गजल-गंगा, उपाधि प्रकोष्ठ, ऑनलाइन संचालक मंडल, संग्रहण, अलंकरण विभाग आदि सहित लगभग 15 समूह व्हाट्सऐप पर संचालित हैं. पिछले छह महीनों से इलेक्ट्रॉनिक सोशल मीडिया पर ‘साहित्य संगम’ ने हिंदी साहित्य की धूम मचाई हुई है. अब इस समूह के संस्थापक 14 पदाधिकारी (मंथन-रत्न) ‘साहित्य संगम’ का राष्ट्रीय पंजीकरण कराने के लिए प्रयासरत हैं.

सम्पादकीय